रोज सुबह जगने के बाद यह यक़ीन नहीं होता कि मैं एक एक्टर हूं- रणवीर सिंह

रणवीर सिंह कहते हैं: "आज भी, रोज सुबह जगने के बाद मैं यह यक़ीन नहीं कर पाता हूं कि मैं एक एक्टर हूं और यही मेरी जिंदगी है!"

रोज सुबह जगने के बाद यह यक़ीन नहीं होता कि मैं एक एक्टर हूं- रणवीर सिंह
रोज सुबह जगने के बाद यह यक़ीन नहीं होता कि मैं एक एक्टर हूं- रणवीर सिंह

सुपरस्टार रणवीर सिंह के लिए सिनेमा का यह साल उपलब्धियों से भरा रहा है, क्योंकि फ़िल्म '83' में अपने पाथ-ब्रेकिंग परफॉर्मेंस के लिए उन्होंने फ़िल्म पुरस्कारों की झड़ी लगा दी, जिसमें वे कपिल देव की भूमिका में नज़र आए थे। रणवीर को बड़े पैमाने पर हिंदी सिनेमा के इतिहास में सबसे शानदार अभिनेताओं में से एक माना जाता है, और वे कहते हैं कि आज भी, रोज सुबह जगने के बाद उन्हें यह यक़ीन नहीं होता कि वे एक एक्टर हैं, और वे अपने सपने को जी रहे हैं!

रणवीर कहते हैं, "मैं शुक्रगुज़ार हूं कि मुझे एक्टर बनने का मौका मिला और सच कहूं तो मेरे लिए इतना ही बहुत है। मैंने हमेशा यही कहा है कि मेरा एक्टर बनना किसी मानो एक चमत्कार की तरह है। इस तरह के अनुभव मेरी सोच से परे हैं। कभी-कभी तो यह एक सपने की तरह लगता है। और यह एहसास आज तक कायम है। आज भी, रोज सुबह जगने के बाद मैं यह यक़ीन नहीं कर पाता हूं कि मैं एक एक्टर हूं और यही मेरी जिंदगी है, और मुझे ये सारी चीजें करने के साथ-साथ इतने टैलेंटेड फ़िल्म-मेकर्स के साथ मिलकर काम करने का मौका मिला है। मैं जिंदगी में मिलने वाले मौकों के लिए भगवान का शुक्रिया अदा करता हूं और मुझे सभी का आशीर्वाद भी मिला है।"

इसमें दो राय नहीं है कि फ़िल्म ‘83’ में रणवीर का परफॉर्मेंस, भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे शानदार परफॉर्मेंस में से एक है, जिसमें उन्होंने भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी और टीम के कैप्टन, कपिल देव के किरदार को पर्दे जीवंत कर दिया है। इस फ़िल्म के लिए बेमिसाल अवार्ड रन के बाद, रणवीर खुद को पूरी तरह से इस किरदार में ढालने का श्रेय अपने कोच बलविंदर सिंह संधू को देते हैं।

वे कहते हैं, "यह मुझे जितना ज्यादा एक सपने की तरह लगता है, उतना ही संतोषजनक भी लगता है। इस समय मुझे अपने कोच श्री बलविंदर सिंह संधू की याद आ रही है। सच कहूं तो मुझे उनकी और 83 में उनके योगदान की बहुत याद आती है, और इस भावना को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। वे तो फ़िल्म 83 की जान हैं! आप जानते हैं कि जब आप 83 की कहानी से और अपने साथियों के साथ जुड़ी उनकी भावना को देखते हैं, तो आप भी खुद को भूलकर उसी भाव के साथ काम करने लगते हैं। हमने, 83 के कलाकारों ने देखा कि बल्लू सर के लिए इसके क्या मायने हैं, और उसी भावना को हम सभी ने अपने किरदारों में ढाला है।”

रणवीर आने वाले दिनों में रोहित शेट्टी की फ़िल्म 'सर्कस', और करण जौहर की फ़िल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' में आलिया भट्ट के साथ दिखाई देंगे।