युपी में विपक्षी दलों के नेताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है, विधानसभा शूरुं

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के गठन के बाद विधानमंडल का दूसरा सत्र आज से शुरू हुंआ। विपक्षी दलों के नेताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है, एसा आरोप है। जनता को दो समय की रोटी जुटाना मुश्किल हो गया है। इन मुद्दों के साथ योगी सरकार को घेरा जाएगा। वहीं कांग्रेस विधायक दल महंगाई और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार पर आरोप लगा रहे है।

युपी में विपक्षी दलों के नेताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है, विधानसभा शूरुं

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के गठन के बाद विधानमंडल का दूसरा सत्र आज से शुरू हुंआ। विपक्षी दलों के नेताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है, एसा आरोप है।  जनता को दो समय की रोटी जुटाना मुश्किल हो गया है। इन मुद्दों के साथ योगी सरकार को घेरा जाएगा। वहीं कांग्रेस विधायक दल महंगाई और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार पर आरोप लगा रहे है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र वारीश की तरह वरसेगा। पांच दिवसीय सत्र 23 तक चलेगा। इस दौरान विपक्षी दल सरकार की जोरदार घेराबंदी कर रहे है। पहले दिन सभा समाप्त होने के बाद विपक्षी दलों ने भी कानून व्यवस्था का मुद्दा हाथ में लिया है। इस सत्र से जनता को बड़ी उम्मीदें हैं।

लखीमपुर खीरी में दो बालिकाओं से सामूहिक दुष्कर्म के बाद उनकी हत्या का मुद्दा अहम रहनेवाला है। जधानी के होटल लेवाना सुइट्स में हुए अग्निकांड के बारे में भी कई सवाल खडे करेंगे।

किसानो का मुद्दा, सूखे और बारिश से फसलों को हुए नुकसान के लिये योगी घेरे हुंए है। महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। इस लिहाज से सत्र के दौरान हंगामा होने के आसार नजर आ रहे हैं।

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पार्टी विधायकों व कार्यकर्ताओं के साथ सपा कार्यालय से विधानभवन की तरफ पैदल मार्च कीया। पदयात्रा के लिए अखिलेश यादव करीब पौने 10 बजे सपा कार्यालय पहुंच गए थे और पार्टी के अन्य विधायक भी कार्यालय पहुंचे गए हैं। रूट बदलने को लेकर सपाइयों ने नाराजगी जताई। यदि रोकना था तो कल परमिशन क्यों दिया। धरना स्थल पर ही शोक व्यक्त किया। मार्च बेरोजगारी, महंगाई और लॉ एंड ऑर्डर जैसे मुद्दों को लेकर है।

विधान भवन के लिए कूच भी किया। गांधी जी की प्रतिमा के सामने से गुजरने का था मगर पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान सपा नेताओं के हाथों में तख्तियां रही थी। बेरोजगारी, महंगाई, महिलाओं के शोषण, कानून व्यवस्था की बदहाली, किसानों नौजवानों के साथ हो रहे अन्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में गड़बड़ी, बिजली संकट आदि का उल्लेख किया गया है।

योगी ने क्यां कहा

विधानसभा सत्र की शुरूआत होते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। सभी कार्यों का समर्थन करने के साथ मजबूती का कराएं एहसासएक जनप्रतिनिधि को एक जननेता बनने के लिए कुछ मौलिक बातों को ध्यान में रखना चाहिए। विधानमंडल में हम पूरी तन्मयता के साथ हिस्सा लें। आचरण और समय का ध्यान रखें। बीजेपी के सभी सदस्य सदन में मौजूद रहें। सरकार के सभी कार्यों का समर्थन करें और अपनी मजबूत स्थिति का एहसास कराएं।  

मार्ग बने छावनी

समाजवादी पार्टी जनसमस्याओं को उठा रही है।  सपाइयों की पदयात्रा से पहले ही विक्रमादित्य मार्ग को पुलिस छावनी बना दिया गया है। बैरिकेडिंग कर भारी फोर्स लगा दी गई है। लोगों का आवागमन बंद कर दिया गया है। अखिलेश यादव विधानभवन के लिए पैदल निकले।

इस बैठक में मुख्य विपक्षी सपा है। सपा के साथ आरएलडी भी अपने विधायकों के साथ मानसून सत्र के पहले दिन प्रदर्शन कर रही है। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार फेल रही है। अपराध लगातार बढ़ता जा रहा है। महिलाओं के खिलाफ खास तौर से अपराध का ग्राफ बढ़ा है।

 महिला सशक्तीकरण की दिशा में रचा जाएगा इतिहास

उत्तर प्रदेश में पहली बार एक दिन दोनों सदनों की कार्यवाही महिला विधायकों के नाम रहेगी। 22 सितंबर को दोनों सदनों की कार्यवाही महिला सदस्यों के लिए आरक्षित रहेगी। विधान सभा में 47 और विधान परिषद में छह महिला सदस्य हैं। महिला सदस्यों को पीठासीन किया जाए। देश में पहली बार ऐसा होगा जब उत्तर प्रदेश विधानसभा का एक दिन महिला सदस्यों के नाम होगा।

विधेयक

विधान भवन में इस सत्र में योगी आदित्यनाथ सरकार  कई अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक लाएगी। सरकार विधानसभा के साथ ही विधान परिषद में भी पूर्ण बहुमत में है। इसी कारण विधेयक को पास कराने में सरकार को परेशानी नहीं होगी।