Gujarat Election 2022: पीएम मोदी ने कसे गुजरात भाजपा के ढीले पेंच, कोर कमेटी में इस कद्दावर नेता की ताकत घटी

Welcome to Kalam Kartvya - सार Gujarat Election 2022: भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात यात्रा के दौरान एक कोर कमेटी का गठन कर दिया है, जो इस साल के अंत में होने वाले चुनावों की हर गतिविधि पर बारीक निगाह रखेगी। इस कमेटी में गुजरात के चारों कोनों से पार्टी के अनुभवी नेताओं को शामिल किया गया है... Gujarat Election 2022: गुजरात में प्रधानमंत्री मोदी - फोटो : PTI (File Photo) ख़बर सुनें विस्तार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27-28 अगस्त के अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे में पार्टी के उन सभी ढीले पेंचों को कस दिया है, जिनके कारण पार्टी की चुनावी तैयारियों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही थी। पीएम ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए राज्य में एक कोर कमेटी का गठन कर उसमें राज्य के सभी कोनों के वरिष्ठ नेताओं को शामिल कर हर हिस्से में भाजपा की जीत का रास्ता सुनिश्चित कर दिया है। साथ ही गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल के बीच kalamkartvyaसत्ता’ की सीमाएं भी तय कर दी हैं, जिनके बीच बेहतर सामंजस्य न होने से चुनाव परिणाम प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी। '; if(typeof is_mobile !='undefined' && is_mobile()){ googletag.cmd.push(function() { googletag.display('div-gpt-ad-1514643645465-2'); }); } elImageAd.innerHTML = innerHTML; elImageAd.className ='ad-mb-app width320 hgt270 mt-10 for_premium_user_remove pwa_for_remove'; } if(showVideoAd == true){ let elImageAd = document.getElementById("showVideoAd"); elImageAd.innerHTML = ''; elImageAd.className ='clearfix ad-mb-app mt-10 for_premium_user_remove pwa_for_remove'; } बनाई एक कोर कमेटी भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात यात्रा के दौरान एक कोर कमेटी का गठन कर दिया है, जो इस साल के अंत में होने वाले चुनावों की हर गतिविधि पर बारीक निगाह रखेगी। इस कमेटी में गुजरात के चारों कोनों से पार्टी के अनुभवी नेताओं को शामिल किया गया है। राज्य के गृहमंत्री हर्ष संघवी इस कमेटी के सबसे महत्त्वपूर्ण सदस्य हैं, जो सभी सदस्यों के साथ बैठकें कर चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देंगे। हर्ष सांघवी दक्षिण गुजरात से आते हैं जिसकी भूमिका गुजरात में सरकार बनाने के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण मानी जाती है। कैबिनेट के दूसरे मंत्री जीतू भाई को भी इस कोर कमेटी में शामिल किया गया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जीतू भाई पाटीदार समुदाय के कद्दावर नेता माने जाते हैं। वे गुजरात के महत्त्वपूर्ण सौराष्ट्र क्षेत्र से आते हैं। इनकी भूमिका कमेटी में बहुत महत्त्वपूर्ण रहने वाली है। उत्तर गुजरात के ऋषिकेश पटेल और कन्नूभाई देसाई को भी कोर कमेटी में जगह दी गई है। मध्य गुजरात से आने वाले ब्रजेश मिर्जा को शामिल कर मध्य क्षेत्र पर गहरी निगाह रखने की कोशिश की गई है। गुजरात भाजपा सूत्रों का कहना है कि इस बार पीएम के गुजरात दौरे पर प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल की भूमिका बेहद सीमित कर दी गई थी, जबकि अब तक पीएम के गुजरात दौरे पर वे बहुत ज्यादा महत्त्वपूर्ण भूमिका में रहते थे। कहा जाता है कि पीएम उनकी सत्ता में लगातार बढ़ रही दखल से खुश नहीं थे, लिहाजा उन्हें किनारे रखकर उन्हें अपनी सीमा में रहकर काम करने की नसीहत दी गई है। इस बार भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उनके भोजन कार्यक्रम के स्थगित होने को भी इस मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। पीएम ने इन दिग्गजों की सलाह से बनाई रणनीति पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बार गुजरात दौरे में प्रदेश के नेताओं से पहले अलग-अलग और बाद में साथ बैठक कर उनकी राय ली। उन्होंने पहली बैठक प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ ही की और उनसे सरकार के कामकाज, जनता की प्रदेश सरकार को लेकर राय और चुनावी तैयारियों पर बातचीत की। इसके बाद उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल से अलग बात की और पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर उनका पक्ष जाना। भाजपा सूत्रों के मुताबिक, बाद में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को आमने-सामने बिठाकर बातचीत की। माना जा रहा है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री ने दोनों नेताओं से आपसी सामंजस्य को बेहतर रखते हुए चुनावी तैयारियों को पूरा करने का निर्देश दिया। असहज महसूस कर रहे थे स्थानीय नेता दरअसल, गुजरात प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल मुख्य रूप से महाराष्ट्र क्षेत्र से आते हैं। गुजरात के भाजपा नेताओं के साथ उनके तालमेल बेहतर न होने की बात हमेशा कही जाती रही है। माना यहां तक जाता है कि भूपेंद्र पटेल के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही पाटिल राज्य सरकार की सत्ता में ज्यादा दखल देने लगे थे, जिससे स्थानीय नेता स्वयं को असहज महसूस कर रहे थे। अब तक प्रदेश नेता इस मामले पर शांत थे, लेकिन इस कारण चुनाव में असर पड़ने की आशंका देखते हुए प्रदेश के दूसरे नेता सक्रिय हो गए हैं। कहा जाता है कि इस बात की पूरी जानकारी पीएम तक पहुंचा दी गई थी। यही कारण है कि इस बार पीएम के दौरे के समय पाटिल का कद घटता हुआ दिखाई पड़ा। माना जाता है कि पीएम ने

Gujarat Election 2022: पीएम मोदी ने कसे गुजरात भाजपा के ढीले पेंच, कोर कमेटी में इस कद्दावर नेता की ताकत घटी
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सार

Gujarat Election 2022: भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात यात्रा के दौरान एक कोर कमेटी का गठन कर दिया है, जो इस साल के अंत में होने वाले चुनावों की हर गतिविधि पर बारीक निगाह रखेगी। इस कमेटी में गुजरात के चारों कोनों से पार्टी के अनुभवी नेताओं को शामिल किया गया है...

Gujarat Election 2022: गुजरात में प्रधानमंत्री मोदी

Gujarat Election 2022: गुजरात में प्रधानमंत्री मोदी - फोटो : PTI (File Photo)

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विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27-28 अगस्त के अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे में पार्टी के उन सभी ढीले पेंचों को कस दिया है, जिनके कारण पार्टी की चुनावी तैयारियों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही थी। पीएम ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए राज्य में एक कोर कमेटी का गठन कर उसमें राज्य के सभी कोनों के वरिष्ठ नेताओं को शामिल कर हर हिस्से में भाजपा की जीत का रास्ता सुनिश्चित कर दिया है। साथ ही गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल के बीच kalamkartvyaसत्ता’ की सीमाएं भी तय कर दी हैं, जिनके बीच बेहतर सामंजस्य न होने से चुनाव परिणाम प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी।

'; if(typeof is_mobile !='undefined' && is_mobile()){ googletag.cmd.push(function() { googletag.display('div-gpt-ad-1514643645465-2'); }); } elImageAd.innerHTML = innerHTML; elImageAd.className ='ad-mb-app width320 hgt270 mt-10 for_premium_user_remove pwa_for_remove'; } if(showVideoAd == true){ let elImageAd = document.getElementById("showVideoAd"); elImageAd.innerHTML = ''; elImageAd.className ='clearfix ad-mb-app mt-10 for_premium_user_remove pwa_for_remove'; }

बनाई एक कोर कमेटी

भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात यात्रा के दौरान एक कोर कमेटी का गठन कर दिया है, जो इस साल के अंत में होने वाले चुनावों की हर गतिविधि पर बारीक निगाह रखेगी। इस कमेटी में गुजरात के चारों कोनों से पार्टी के अनुभवी नेताओं को शामिल किया गया है। राज्य के गृहमंत्री हर्ष संघवी इस कमेटी के सबसे महत्त्वपूर्ण सदस्य हैं, जो सभी सदस्यों के साथ बैठकें कर चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देंगे। हर्ष सांघवी दक्षिण गुजरात से आते हैं जिसकी भूमिका गुजरात में सरकार बनाने के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण मानी जाती है।

कैबिनेट के दूसरे मंत्री जीतू भाई को भी इस कोर कमेटी में शामिल किया गया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जीतू भाई पाटीदार समुदाय के कद्दावर नेता माने जाते हैं। वे गुजरात के महत्त्वपूर्ण सौराष्ट्र क्षेत्र से आते हैं। इनकी भूमिका कमेटी में बहुत महत्त्वपूर्ण रहने वाली है। उत्तर गुजरात के ऋषिकेश पटेल और कन्नूभाई देसाई को भी कोर कमेटी में जगह दी गई है। मध्य गुजरात से आने वाले ब्रजेश मिर्जा को शामिल कर मध्य क्षेत्र पर गहरी निगाह रखने की कोशिश की गई है।

गुजरात भाजपा सूत्रों का कहना है कि इस बार पीएम के गुजरात दौरे पर प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल की भूमिका बेहद सीमित कर दी गई थी, जबकि अब तक पीएम के गुजरात दौरे पर वे बहुत ज्यादा महत्त्वपूर्ण भूमिका में रहते थे। कहा जाता है कि पीएम उनकी सत्ता में लगातार बढ़ रही दखल से खुश नहीं थे, लिहाजा उन्हें किनारे रखकर उन्हें अपनी सीमा में रहकर काम करने की नसीहत दी गई है। इस बार भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उनके भोजन कार्यक्रम के स्थगित होने को भी इस मामले से जोड़कर देखा जा रहा है।

पीएम ने इन दिग्गजों की सलाह से बनाई रणनीति

पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बार गुजरात दौरे में प्रदेश के नेताओं से पहले अलग-अलग और बाद में साथ बैठक कर उनकी राय ली। उन्होंने पहली बैठक प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ ही की और उनसे सरकार के कामकाज, जनता की प्रदेश सरकार को लेकर राय और चुनावी तैयारियों पर बातचीत की। इसके बाद उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल से अलग बात की और पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर उनका पक्ष जाना।


भाजपा सूत्रों के मुताबिक, बाद में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को आमने-सामने बिठाकर बातचीत की। माना जा रहा है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री ने दोनों नेताओं से आपसी सामंजस्य को बेहतर रखते हुए चुनावी तैयारियों को पूरा करने का निर्देश दिया।

असहज महसूस कर रहे थे स्थानीय नेता

दरअसल, गुजरात प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल मुख्य रूप से महाराष्ट्र क्षेत्र से आते हैं। गुजरात के भाजपा नेताओं के साथ उनके तालमेल बेहतर न होने की बात हमेशा कही जाती रही है। माना यहां तक जाता है कि भूपेंद्र पटेल के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही पाटिल राज्य सरकार की सत्ता में ज्यादा दखल देने लगे थे, जिससे स्थानीय नेता स्वयं को असहज महसूस कर रहे थे। अब तक प्रदेश नेता इस मामले पर शांत थे, लेकिन इस कारण चुनाव में असर पड़ने की आशंका देखते हुए प्रदेश के दूसरे नेता सक्रिय हो गए हैं।

कहा जाता है कि इस बात की पूरी जानकारी पीएम तक पहुंचा दी गई थी। यही कारण है कि इस बार पीएम के दौरे के समय पाटिल का कद घटता हुआ दिखाई पड़ा। माना जाता है कि पीएम ने उन्हें सभी नेताओं से बेहतर तालमेल बिठाने का kalamkartvyaसख्त’ निर्देश दिया है।

- By Kalam Kartvya.