जम्मू: आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों ने पूरण भट्ट को दी श्रद्धांजलि, स्थानांतरण नीति बनाने की मांग की

Welcome to Kalam Kartvya - सार कर्मचारियों ने कहा कि आतंकियों ने कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल, शिक्षिका रजनी बाला, कलाकार अमरीन भट्ट, बैंक प्रबंधक विजय कुमार सहित कितने ही लोगों को अपनी गोली का निशाना बना दिया है। आखिर इन हालातों में वे कैसे घाटी में नौकरी करें। Jammu - फोटो : निखिल मेहता विज्ञापन ख़बर सुनें विस्तार जम्मू के रहने वाले और कश्मीर में कार्यरत आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों ने रविवार को कश्मीरी पंडित पूरण कृष्ण भट्ट सहित घाटी में लक्षित हत्याओं में मारे गए लोगों को श्रद्धांजली दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे करीब पांच महीने से जम्मू बेस्ड रिजर्व्ड कैटेगरी इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले संघर्ष कर रहे हैं। उनकी एक ही मांग है कि कश्मीर से बाहर जम्मू में ट्रांसफर किए जाए। उनकी इस मांग के बीच एक और निर्दोष नागरिक को अपनी जान गंवानी पड़ गई है और सरकार है कि मूकदर्शक बनी हुई है। '; if(typeof is_mobile !='undefined' && is_mobile()){ googletag.cmd.push(function() { googletag.display('div-gpt-ad-1514643645465-2'); }); } elImageAd.innerHTML = innerHTML; elImageAd.className ='ad-mb-app width320 hgt270 mt-10 for_premium_user_remove pwa_for_remove'; } if(showVideoAd == true){ let elImageAd = document.getElementById("showVideoAd"); elImageAd.innerHTML = 'Trending Videos'; anyviewAd(); elImageAd.className ='clearfix ad-mb-app mt-10 for_premium_user_remove pwa_for_remove'; } function anyviewAd(){ let scriptEle = document.createElement("script"); let elImageAd = document.getElementById("showVideoAd"); scriptEle.setAttribute("src", "https://tg1.aniview.com/api/adserver/spt?AV_TAGID=631f2083311a510081136005&AV_PUBLISHERID=62d66949dc3de81859122a54"); scriptEle.setAttribute("type", "text/javascript"); scriptEle.setAttribute("async", "async"); scriptEle.setAttribute("data-content.cms-type","playlist"); scriptEle.setAttribute("data-content.cms-id","63201c80e4c07cb236059cd2"); scriptEle.setAttribute("id","AV631f2083311a510081136005"); elImageAd.appendChild(scriptEle); } कर्मचारियों ने कहा कि घाटी में आतंकियों ने कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल, शिक्षिका रजनी बाला, कलाकार अमरीन भट्ट, बैंक प्रबंधक विजय कुमार सहित कितने ही लोगों को अपनी गोली का निशाना बना दिया है। सरकार की ओर से कहा जाता है कि इनके हत्यारों को मार दिया गया है और इसके बाद आतंकी फिर एक वारदात को अंजाम दे देते हैं। आखिर ऐसे हालातों में वे कैसे घाटी में अपनी सेवाएं दे सकते हैं। एक अन्य कर्मचारी ने कहा कि कश्मीर घाटी में लक्षित हत्याओं के डर से वे जम्मू में 138 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने 80 फीसदी कर्मचारियों का सितंबर महीने का वेतन जारी नहीं किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, पीडीडी, वन सहित अन्य विभागों के डीडीओ ने कर्मचारियों का सितंबर महीने का वेतन जारी नहीं किया है। दूसरी तरफ, संभागीय आयुक्त कश्मीर द्वारा जारी आदेश में बायोमेट्रिक अटेंडेंस को अनिवार्य किया गया है, जबकि कश्मीर में आए दिन घाटी में लक्षित हत्याएं हो रही हैं। शोपियां में कश्मीरी पंडित पूरण कृष्ण भट्ट की हत्या इसका सबूत है। सरकार हमारे लिए तबादला नीति बनाए। घाटी में काम करना सुरक्षित नहीं है। हमारे अलावा हमारे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। - By Kalam Kartvya.

जम्मू: आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों ने पूरण भट्ट को दी श्रद्धांजलि, स्थानांतरण नीति बनाने की मांग की
Welcome to Kalam Kartvya -

सार

कर्मचारियों ने कहा कि आतंकियों ने कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल, शिक्षिका रजनी बाला, कलाकार अमरीन भट्ट, बैंक प्रबंधक विजय कुमार सहित कितने ही लोगों को अपनी गोली का निशाना बना दिया है। आखिर इन हालातों में वे कैसे घाटी में नौकरी करें।

Jammu

Jammu - फोटो : निखिल मेहता

विज्ञापन

ख़बर सुनें

विस्तार

जम्मू के रहने वाले और कश्मीर में कार्यरत आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों ने रविवार को कश्मीरी पंडित पूरण कृष्ण भट्ट सहित घाटी में लक्षित हत्याओं में मारे गए लोगों को श्रद्धांजली दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे करीब पांच महीने से जम्मू बेस्ड रिजर्व्ड कैटेगरी इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले संघर्ष कर रहे हैं। उनकी एक ही मांग है कि कश्मीर से बाहर जम्मू में ट्रांसफर किए जाए। उनकी इस मांग के बीच एक और निर्दोष नागरिक को अपनी जान गंवानी पड़ गई है और सरकार है कि मूकदर्शक बनी हुई है।

'; if(typeof is_mobile !='undefined' && is_mobile()){ googletag.cmd.push(function() { googletag.display('div-gpt-ad-1514643645465-2'); }); } elImageAd.innerHTML = innerHTML; elImageAd.className ='ad-mb-app width320 hgt270 mt-10 for_premium_user_remove pwa_for_remove'; } if(showVideoAd == true){ let elImageAd = document.getElementById("showVideoAd"); elImageAd.innerHTML = '

Trending Videos

'; anyviewAd(); elImageAd.className ='clearfix ad-mb-app mt-10 for_premium_user_remove pwa_for_remove'; } function anyviewAd(){ let scriptEle = document.createElement("script"); let elImageAd = document.getElementById("showVideoAd"); scriptEle.setAttribute("src", "https://tg1.aniview.com/api/adserver/spt?AV_TAGID=631f2083311a510081136005&AV_PUBLISHERID=62d66949dc3de81859122a54"); scriptEle.setAttribute("type", "text/javascript"); scriptEle.setAttribute("async", "async"); scriptEle.setAttribute("data-content.cms-type","playlist"); scriptEle.setAttribute("data-content.cms-id","63201c80e4c07cb236059cd2"); scriptEle.setAttribute("id","AV631f2083311a510081136005"); elImageAd.appendChild(scriptEle); }

कर्मचारियों ने कहा कि घाटी में आतंकियों ने कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल, शिक्षिका रजनी बाला, कलाकार अमरीन भट्ट, बैंक प्रबंधक विजय कुमार सहित कितने ही लोगों को अपनी गोली का निशाना बना दिया है। सरकार की ओर से कहा जाता है कि इनके हत्यारों को मार दिया गया है और इसके बाद आतंकी फिर एक वारदात को अंजाम दे देते हैं। आखिर ऐसे हालातों में वे कैसे घाटी में अपनी सेवाएं दे सकते हैं।

एक अन्य कर्मचारी ने कहा कि कश्मीर घाटी में लक्षित हत्याओं के डर से वे जम्मू में 138 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने 80 फीसदी कर्मचारियों का सितंबर महीने का वेतन जारी नहीं किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, पीडीडी, वन सहित अन्य विभागों के डीडीओ ने कर्मचारियों का सितंबर महीने का वेतन जारी नहीं किया है। दूसरी तरफ, संभागीय आयुक्त कश्मीर द्वारा जारी आदेश में बायोमेट्रिक अटेंडेंस को अनिवार्य किया गया है, जबकि कश्मीर में आए दिन घाटी में लक्षित हत्याएं हो रही हैं। शोपियां में कश्मीरी पंडित पूरण कृष्ण भट्ट की हत्या इसका सबूत है। सरकार हमारे लिए तबादला नीति बनाए। घाटी में काम करना सुरक्षित नहीं है। हमारे अलावा हमारे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है।

- By Kalam Kartvya.